कुमारी कंदम की अनसुनी कहानी The Unsolved Mystery Of Lemuria In Hindi

कुमारी कंदम की अनसुनी कहानी The Unsolved Mystery Of Lemuria In Hindi

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आज मैं आपसे एक ऐसी कहानी बताने जा रहा हु जिसके बारे में बहुत कम लोग जानते है  ये कहानी है कुमारी कंदम की (Kumari Kandam)
कुमारी कंदम की कहानी (Kumari Kandam in Hindi)

तमिल खोजकर्ताओं द्वारा खोजी गई इस सभ्यता को कुमारी कंदम (Kumari Kandam) से जोड़ा जाता है । आज के भारत के दक्षिण में स्थित, हिंद महासागर में एक खो चुकी काल्पनिक तमिल सभ्यता को दर्शाता है। कुमारी कंदम या इसे कुमारी नाडू के नाम से भी जाना जाता है।  तमिल साहित्य  के अनुसार भारतीय उपमहादीप में कुमारी कंदम नाम की एक तमिल सभ्यता थी जो धीरे धीरे विलुप्त हो गई. 19वीं सदी में इस महाद्विप को Lemuria नाम दिया गया इसका नाम देने वाले भूगोलवेता Philip Sclater थे।

कुमारी कंदम (Kumari Kandam) का विस्तार कन्याकुमारी से लेकर ऑस्ट्रेलिया के उत्तर्री तट मेडागास्कर तक फैला हुआ था।

लेखकों के अनुसार, एक तबाही के कारण समुद्र में खो जाने से पहले Lemuria पर तमिल सभ्यता का अस्तित्व था। जब Lemuria के बारे में जानकारी देने वाले खोजकर्ता भारत के नगरों में पहुंचे, तब उस समय भारत के लोकगीतों में  इतिहास के साथ उस खो चुकी सभ्यता का भी वर्णन होता था। हुआ ये की , Lemuria जल्द ही कुमारी कंदम (Kumari Kandam) के बराबर हो गया।

Kumari Kandam-zubaan
Image source: www.onlinekanyakumari.com

कुमारी कंदम मात्र एक एक राष्ट्रीयता सभ्यता कहानी नहीं है। ऐसा माना जाता है की कुमारी कंदम के पांडियन राजा पूरे भारतीय महाद्वीप के शासक थे और तमिल सभ्यता विश्व की सब सभ्यताओं से पुरानी है। जब कुमारी कंदम (Kumari Kandam) जलमग्न हुआ, तो वहां के वासी सम्पूर्ण विश्व में फैल गए और कई नई सभ्यताओं को जन्म दिया। इस तरह कहा जाता है की ये डूबा हुआ महाद्वीप मानव सभ्यता का पालन हार है।

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