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रीगल सिनेमा तो बंद हो रहा है पर जिंदा रहेंगी यहां की यादें

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Source: hindi.news18.com

Regal Cinema Delhi history in hindi, regal cinema cp history अगर आप दिल्ली में रहते है तो दिल्ली के कनॉट प्लेस में कई बार जा चुके होंगे, आगे भी जाते रहेंगे लेकिन दिल्ली के दिल कनॉट प्लेस आज के बाद वैसा कभी नहीं रहेगा जैसा पहले रहा है.

दिल्ली के कनॉट प्लेस (Connaught Place ) के एक हिस्से को आज उससे अलग किया जा रहा है. वह हिस्सा है रीगल बिल्डिंग के बीचों बीच बसा रीगल सिनेमा हॉल (Regal Cinema Hall). कनॉट प्लेस में रीगल सिनेमा हॉल (Regal Cinema Hall) 1932 में बना राजधानी का पहला प्राइम सिंगल स्क्रीन थिएटर था लेकिन ‘रीगल’ अब 85 साल बाद सिनेमा प्रेमियों से हमेशा के लिए बंद हो रहा है.

रीगल सिनेमा के आखिरी दो शो (Last two shows of Regal Cinema):

आज रीगल सिनेमा (Regal Cinema) में आखिरी दो शो राज कपूर के नाम रहेंगे। शाम छह बजे ‘मेरा नाम जोकर’ और रात नौ बजे ‘संगम’ को प्रदर्शित किया जायेगा.

सुबह के शोज़ में अनुष्का शर्मा की ‘फिल्लौरी’ चलती रहेगी जो की रीगल में हफ्ते भर तक प्रदर्शित होने वाली आखिरी फिल्म रहेगी.

रीगल सिनेमा दिल्ली (Regal Cinema Delhi) के सिनेमा प्रेमियों के साथ-साथ बॉलीवुड के तमाम सितारों का भी चहेता सिनेमा हॉल हुआ करता था. बॉम्बे से आने वाले ज़्यादातर कलाकार दिल्ली के रीगल में ज़रूर सिनेमा या नाटक देखने के लिए आया करते थे. खासकर आर.के बैनर के फिल्मों का इससे खास लगाव रहा। खुद राजकपूर साहब भी अपनी फिल्मों का प्रमोशन रीगल सिनेमा हॉल (Regal Cinema Hall) में ही करते थे. रीगल सिनेमा पर आर.के. बैनर तले बनी लगभग सभी फिल्में रिलीज हुई और कई फिल्मों ने यहां सिल्वर जुबली का जश्न भी मनाया.

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रीगल के पर्दों में बॉलीवुड की अनेकों प्रेम कहानियां कैद हैं. राज कपूर-नरगिस से शुरू कर अमिताभ -रेखा और फिर शाहरुख- कजोल से लेकर अंत में अनुष्का – दिलजीत की भी प्रेम कहानी का साक्षी रीगल बना.

मिडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पता चला है कि रीगल के मालिकों की योजना रीगल सिनेमा हाल को सिंगल स्क्रीन से मल्टीप्लेक्स बनाने की है. मल्टीप्लेक्स बनाने को लेकर एनडीएमसी समेत अन्य विभागों को आवेदन किया गया है. हालांकि, अभी पूरी मंजूरी नहीं मिली है. मंजूरी मिलने के बाद इस ऐतिहासिक सिनेमा हॉल को तोडक़र मल्टीप्लेक्स में तब्दील किया जाएगा. इस काम में ढेड़ से दो वर्ष का समय लग सकता है.

दिल्ली रीगल सिनेमा का इतिहास (Regal cinema delhi history in hindi):

694 सीटों से सजा रीगल केवल इसलिए ऐतिहासिक नहीं है कि वह इतने लंबे समय तक देश का बड़ा सिंगलस्क्रीन सिनेमा हॉल (Regal Single Screen Hall) बना रहा. रीगल की ख़ास बात यह भी है की 80 और 90 के दशक में जब रीगल की प्रतिष्ठा गिरने लगी थी, तब भी यह चलता रहा और कनॉट प्लेस की जान बना रहा.

रीगल को 1932 में जाने माने लेखक और पत्रकार खुशवंत सिंह के पिता सरदार शोभ सिंह ने खोला था. आर्किटेक्ट वाल्टर स्काई जॉर्ज ने इसे डिजाईन किया और शोभ सिंह के हाथों में थमा दिया.

अगर रीगल (Regal cinema) को भारत में सिनेमा हाल्स ग्रैंड ओल्ड मैन कहा जाए तब भी गलत नहीं होगा. 1931 में जब भारत में सिनेमा टॉकीज आया तब कई सिनेमा हॉल्स दिल्ली में खोले गए. रीगल, रिवोली, ओडियन, और इंडियन टॉकी हाउस जो बस थोड़े ही समय चल पाया.

तभी से रीगल न केवल कनॉट प्लेस (Regal Cinema Connaught place) बल्कि दिल्ली की भी शान बना रहा. मज़े के बात यह है की कनॉट प्लेस के उस पूरे ब्लॉक को ही अब रीगल बिल्डिंग के नाम से जाना जाता है. हालांकि रिवोली भी हमेशा वहां रहा पर रीगल जैसी शान कभी न बटोर पाया.

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