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Ram Jethmalani Biography & Story in Hindi – राम जेठमलानी का जीवन परिचय !

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Ram Jethmalani Biography

Ram Jethmalani Biography and Story in Hindi: राम भूलचन्द जेठमलानी जो की उनका पूरा नाम है। राम जेठमलानी भारत के एक जाने माने वकील और राजनीतिज्ञ हैं। राम जेठमलानी किसी भी जान पहचान के मोहताज नही वे भारत के पूर्व कानून मंत्री और बार कौंसिल ऑफ़ इंडिया के भी अध्यक्ष रह चुके हैं। अपने वकालत करियर के दौरान कई High Profile और विवादस्पद मामलों के केस लड़ चुके है, जिसमे लालू यादव (चारा घोटाला), संसद हमले में फांसी की सजा पा चुके अफजल गुरु, इंदिरा गांधी-राजीव गांधी के हत्यारे, हवाला कांड में आडवाणी, स्टॉक मार्केट बाजार घोटाले में हर्षद मेहता और केतन पारेख, जेसिका लाल हत्याकांड केस में मनु शर्मा, सोहराबुद्दीन फर्जी एनकाउंटर केस में अमित शाह, खनन घोटाले में येदियुरप्पा आदि की केस लड़ चुके है चुके हैं। कई बार ऐसे विवादितकेस लड़ने के कारण कड़ी आलोचना का सामना भी करना पड़ा है। राम जेठमलानी भारतीय उच्चतम न्यायालय के सबसे महँगे वकीलों में एक हैं पर वे कई मामलों में नि:शुल्क पैरवी भी करते हैं।

Some Important Poin of Advocate Ram Jethmalani

  • 1923: ब्रिटिश इंडिया के सिंध में रम जेठमलानी का जन्म हुआ
  • 1948: विभाजन के बाद वे मुंबई आ गए
  • 1953: गवर्नमेंट लॉ कॉलेज में प्रवक्ता के पद पर कार्य किया
  • 1959: के.एम. नानावटी और महाराष्ट्र राज्य के चर्चित मुकदमे के दौरान चर्चा में आये
  • 1971: राजनीति में प्रवेश
  • 1985: सुनील दत्त के विरुद्ध चुनाव में खड़े हुए पर हार गए
  • 1988: राज्य सभा के लिए चुने गए
  • 1996: वाजपेयी सरकार में कानून, न्याय और कंपनी मामलों के मंत्री बनाये गए
  • 1998: शहरी विकास और रोज़गार मंत्री नियुक्त किये गए
  • 1999: कानून, न्याय और कंपनी मामलों का मंत्रालय उन्हें कुछ समय के लिए दोबारा सौंपा गया
  • 2010: सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष चुने गए

अभी हाल ही में राम जेठमलानी ने अरुण जेटली के मानहानि केस में अरविन्द केजरीवाल का मुफ्त में केस लड़ें थे।

कई बार अपने विवादित बयानों और मुकदमों के चलते सुर्ख़ियों में रहते हैं। राम जेठमलानी ने महज कम उम्र यानि 17 साल की उम्र में कानून की डिग्री प्राप्त कर लिया था और 18 साल की उम्र में वकालत की प्रैक्टिस भी करने लगे थे। “उस समय प्रैक्टिस करने के लिये न्विनतम 21 साल की उम्र जरूरी था मगर राम जेठमलानी के लिये एक विशेष प्रस्ताव पास करके 18 साल की उम्र में प्रैक्टिस करने की इजाजत दिया गया था

राम जेठमलानी लोक सभा और राज्य सभा के सदस्य भी रह चुके हैं और पूर्व प्रधानमंत्री अटल वाजपेयी सरकार में कानून मंत्री और शहरी विकास मंत्री भी रह चुके हैं।

Ram Jethmalani Biography and Story in Hindi –  राम जेठमलानी का जीवन परिचय!

राम जेठमलानी का जन्म 14 सितम्बर 1923 को सिंध के शिकारपुर (अब पाकिस्तान में) में हुआ था। उनके पिता का नाम भूलचन्द गुरमुखदास जेठमलानी और माता का नाम पारबती भूलचंद था। राम जेठमलानी की प्रारंभिक शिक्षा गाँव स्थानिय स्कूल में ही हुई। जेठमलानी पढने बहुत अच्छे थे इसलिए उनको स्कूल में दो बार अपनी नियमित कक्षा से अपने से ऊपर कच्छा  में प्रमोट कर दिया गया था।  राम जेठमलानी महज 13 साल की उम्र में ही मैट्रिक की परीक्षा पास कर लिया था। वे 17 साल की उम्र में ही करांची के एस.सी. साहनी लॉ कॉलेज से एल.एल.बी. की डिग्री प्राप्त कर लिया था। इसके बाद उन्होंने एस.सी. साहनी लॉ कॉलेज से ही एल.एल.एम. की डिग्री प्राप्त किया।

राम जेठमलानी की शादी 18 साल की उम्र में विवाह दुर्गा से कर दिया गया। सन 1947 में जब भारत और पकिस्तान का बटवारा हो रहा था उसके कुछ समय पहले,  उन्होंने अपनी दूसरी शादी  रत्ना साहनी (जो पेशे से वकील थीं) से किया। इन दोनों पत्नियों से उन्हें 4 बच्चे हुए – तीन दुर्गा से तथा एक जनक, रत्ना से।

राम जेठमलानी का करियर – Ram Jethmalani Biography & Career Hindi

राम जेठमलानी (Ram Jethmalani) ने अपने करियर का शुरुवात सिंध में एक प्रोफेसर के तौर पर किया। इसके बाद जेठमलानी अपने समकछ मित्र A.K Brohi (बाद में पाकिस्तान के क़ानून मंत्री बने) के साथ मिलकर करांची में एक लॉ फर्म की शुरुवात किया। सन 1948 में विभाजन के बाद जब पकिस्तान के करांची में दंगे भड़के तब ब्रोही ने ही उन्हें सलाह दिया की आप पाकिस्तान छोड़कर भारत चले जाये।

राम जेठमलानी (Ram Jethmalani) ने भारत आने के बाद यानि सन 1953 में मुंबई के गवर्नमेंट लॉ कॉलेज में प्रोफ़ेसर के रूप में पढ़ने का कार्य शुरू कर दिया। जेठमलानी यहाँ स्नातक और स्नातकोत्तर के छात्रों को पढ़ाते थे। उन्होंने भारत में ही नही बल्कि अमेरिका के डेट्रॉइट में स्थित वायने स्टेट यूनिवर्सिटी में कम्पेरेटिव लॉ और इंटरनेशनल लॉ भी पढ़ाया।

राम जेठमलानी (Ram Jethmalani) सन 1959 में के.एम. नानावटी vs महाराष्ट्र राज्य के चर्चित मुकदमे के दौरान चर्चा में आये। इस मुक़दमे में उनके साथ जस्टिस यशवंत विष्णु चंद्रचूड़ (बाद में भारतीय सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बने) भी थे।

1960 के दशक में राम जेठमलानी (Ram Jethmalani) ने कई बड़े ‘तस्करों’ के बचाव में केस लड़े,  जिसके बाद उनको ‘तस्करों का वकील’ कहा जाने लगा पर उनपर इसका कोई असर नही पड़ा वो अपनी आलोचना की परवाह नहीं करते थे। ऐसे आलोचनयो पर उनका जवाब होता था की वे अपना एक ‘वकील’ का फ़र्ज़ निभा रहे हैं। राम जेठमलानी (Ram Jethmalani) चार बार बार कौंसिल ऑफ़ इंडिया’ का अध्यक्ष रह चुके हैं। सन 1996 में वे ‘इंटरनेशनल बार कौंसिल’ के भी सदस्य रहे।

सन 2003 से वे पुणे के सिम्बायोसिस लॉ स्कूल में ‘प्रोफेसर एमेरिटस’ हुआ करते थे।



राम जेठमलानी का राजनीतिक सफरनामा – Ram Jethmalani Political Career Hindi

राम जेठमलानी (Ram Jethmalani) सन 1971 में पहली मर्तबा लोक सभा के लिए उल्हास नगर क्षेत्र से चुनाव लड़े पर लेकिन हार गये, 1975-77 तक घोषित था जिसका विरोध करने और तत्कालीन प्रधानमंत्री की कड़ी आलोचना करने पर उनके खिलाफ अरेस्ट वारंट जारी किया गया जिसके बाद वे देश छोड़कर कनाडा चले गए। आपातकाल का दौर जब समत हुआ तब वो फिर वापस भारत आये।

आपातकाल के बाद सन 1977 के में चुनाव हुआ जिसमे राम जेठमलानी (Ram Jethmalani) ने एक फिर अपनी किस्मत आजमाया और इसबार उन्होंने तत्कालीन कानून मंत्री एच.आर. गोखले को बॉम्बे लोक सभा क्षेत्र से हराकर पहली बार लोक सभा में पहुचे पर वे कानून मंत्री नहीं बन पाए क्योंकि मोरारजी देसाई को उनकी जीवन शैली नहीं पसंद थी। सन 1980 में उन्होंने दोबारा लोक सभा चुनाव जीता और 1985 में कांग्रेस के प्रत्याशी सुनील दत्त से हार गये।

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सन 1988 में उनको राज्य सभा भेजा गया और सन 1996 में अटल बिहारी वाजपयी सरकार में केन्द्रीय कानून, न्याय और कंपनी मामलों के मंत्री बनाया गया। इसतरह से वो बहुत लम्बे समय तक राजनीति में रहे लेकिन सर्वोच्च न्यायालय के तत्कालीन न्यायाधीश ए.एस. आनंद पर उनके विवादस्पद बयान के कारण पूर्व प्रधानमंत्री वाजपयी ने उन्हें मंत्री पद छोड़ने को कहा।

राम जेठमलानी (Ram Jethmalani) सन 2004 के लोक सभा चुनाव में वे पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के खिलाफ लखनऊ लोक सभा सीट से एक निर्दलीय प्रत्यासी के रूप में चुनाव में चुनाव लड़ें लेकिन उनको अटल बिहारी वाजपयी से करारी हार का सामना करना पड़ा।



एक बार फिर सन 2010 में उन्हें बीजेपी ने राजस्थान से राज्य सभा का सदस्य बनाया। 2012 में उन्होंने बीजेपी के नेताओं पर UPA सरकार के दौरान हुए घोटालों पर चुप्पी साधने का आरोप लगाते हुए तत्कालीन पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी को चिट्टी लिखा जिसके कारण मई 2013 में उनको 6 साल के लिए पार्टी से निकल दिया गया।

Ram Jethmalani Fees in Hindi

राम जेठमलानी भारत के एक महंगे वकील है वे एक Appearance के लिए Rs 25 lakhs चार्ज करते है।

Awards and achievements of Ram Jethmalani

  • International Jurist Award
  • World Peace Through Law Award
  • In 1977 he received Human Rights Award instituted by World Peace Through Law for his fight against authoritarianism at Philippines

राम जेठमलानी (Ram Jethmalani) अब वकालत से सन्यास ले लिया है उन्होंने कहा है की “combat corrupt politicians” के खिलाफ लड़ते रहेंगे।