JNU में हंगामा, नजीब के लापता होने को लेकर गृहमंत्री ने पुलिस...

JNU में हंगामा, नजीब के लापता होने को लेकर गृहमंत्री ने पुलिस कमिश्‍नर से बात की

161
0
SHARE
JNU में हंगामा, नजीब के लापता होने को लेकर गृहमंत्री ने पुलिस कमिश्‍नर से बात की

जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU)दिल्ली में एक छात्र नजीब अहमद के लापता होने को लेकर छात्रों ने बुधवार शाम से हंगामा शुरू कर दिया. JNU के प्रशासनिक भवन के बाहर सैंकड़ों छात्रों ने इस मुद्दे पर विरोध-प्रदर्शन शुरू कर दिया जो देर रात तक जारी है. हंगामे के चलते वीसी, प्रॉक्टर और अन्‍य अध्‍ािकारी प्रशासनिक भवन के अंदर रहे. बाद में वीसी बाहर आए और उन्होंने कहा कि नजीब के बारे में पता करने की पूरी कोशिश की जा रही है.आधी रात के बाद छात्रों और वीसी की दूसरी दौर की बातचीत भी विफल हो गई. इस मामले में वीसी ने कहा, ”प्रदर्शन कर रहे छात्रों को यह समझना चाहिए कि इस तरह अपने शिक्षकों को बंधक बनाना उचित नहीं है.
यूनिवर्सिटी के वीसी का आरोप है कि ‘उन्‍हें गलत तरीके से बंधक बनाया गया’.

साथ ही उनका कहना है कि छात्र को ढूंढने की पूरी कोशिश की जा रही है. एम जगदीश कुमार ने कहा, ”हम इमारत के भीतर दिन में 2.30 बजे से बंद हैं. हमारे साथ एक महिला सहकर्मी भी हैं जो अस्वस्थ हो गईं हैं क्योंकि उनको मधुमेह है. दूसरी ओर, JNU के छात्रों ने अपने रुख का बचाव करते हुए दावा किया कि ‘किसी को अवैध रूप से बंधक नहीं बनाया गया.’जेएनयू छात्र संघ के अध्यक्ष मोहित पांडेय ने कहा, ”हमने जेएनयू के प्रशासनिक भवन में किसी को अवैध रूप से बंधक नहीं बनाया. बिजली और दूसरी सभी तरह की आपूर्ति है. हमने भीतर खाना भेजा है.” दूसरी तरफ, पुलिस JNU परिसर के बाद बाहर मौजूद है और अंदर दाखिल होने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन की अनुमति का इंतजार कर रही है.

 JNU में हंगामा, नजीब के लापता होने को लेकर गृहमंत्री ने पुलिस कमिश्‍नर से बात की
वहीं, बताया जा रहा है कि गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने इस पूरे मामले को लेकर दिल्‍ली पुलिस कमिश्‍नर आलोक वर्मा से भी बात की है. नजीब अहमद के बारे में पुलिस को जानकारी देने वालों के लिए दिल्ली पुलिस ने 50 हजार के इनाम की घोषणा की है. साउथ डिस्ट्रिक्ट की एडिशनल डीसीपी नूपुर प्रसाद ने इसकी पुष्टि की.इसी मुद्दे पर दोपहर शाम पांच बजे के बाद से जेएनयू के छात्रों ने यूनिवर्सिटी के अंदर और बाहर भी प्रदर्शन किया, जिसमें छात्रों ने आरोप लगाया था कि नजीब को ढूंढने में जेएनयू प्रशासन और पुलिस लापरवाही बरत रही है. नारेबाजी करने और प्रदर्शन करने के बाद छात्रों ने प्रशासनिक भवन के द्वार को अवरूद्ध कर दिया.

सुरक्षा बलों की तरफ से हस्तक्षेप के बाद द्वार खोले गए, लेकिन शाम में ज्यादातर कर्मचारियों के जाने के बाद छात्रों ने एकबार फिर नाकेबंदी कर दी.वहीं, दिल्‍ली पुलिस का कहना है कि उन्‍हें अभी तक आधिकारिक तौर पर जेएनयू की तरफ से विश्वविद्यालय के अंदर जाने को लेकर कोई अनुरोध नहीं मिला है. इस मसले पर प्रशासनिक अधिकारी और छात्रों के बीच बातचीत भी चल रही हैं.

data-matched-content-rows-num="2" data-matched-content-columns-num="2" data-matched-content-ui-type="image_stacked">