हनुमान जयंती विशेष: मंगल को जन्मे मंगल ही करते मंगलमय भगवान

हनुमान जयंती विशेष: मंगल को जन्मे मंगल ही करते मंगलमय भगवान

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Hanuman Jayanti

Hanuman Jayanti 2017 Vrat Puja Vidhi Hindi हनुमान जी का जीवन बहुत ही आनंदमय था ग्रंथो और काब्यो के अनुसार हनुमान जी देवे के देव महादेव के रूद्र अवतार है, अंजनीपुत्र हनुमान जैसा कोई, भक्त नही था। हनुमान जी का जन्म दिवाली से एक दिन पहले यानि नरक चतुर्दशी को हुआ था। आज हनुमान जंयती (Hanuman Jayanti) है और आज ही के दिन पवनतनय हनुमान जी का जन्म हुआ था, हनुमान जी के पिता केसरी और माता अंजनी थी, हनुमान जी का जीवन (life of lord Hanuman) बहुत ही नटखट भरा हुआ था कहते है बचपन में वो बहुत ही सरारती थे।

हनुमान जयंती कब है 2017 में (Hanuman Jayanti 2017 Date):

  • चैत्र मास में शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि दिन मंगलवार Tuesday 11 April 2017
  • हनुमान जी का जन्म चैत्र पूर्णिमा के दिन मंगल वार को हुआ था इसलिए इस दिन को हनुमान जयंती (Hanuman Jayanti) मनाई जाती है।
  • वर्ष 2017 में हनुमान जयंती (Hanuman Jayanti) 11 अप्रैल को मनाई जाएगी।

हनुमान कथा महत्व (Hanuman Katha Mahatva in Hindi):

एक बार बालक रूपी हनुमान जी (Hanuman Jee) को बहुत जोर से भूख लगा हुआ था और माता अंजनी के तरफ से कुछ खाने को नही मिला तब हनुमान जी ने आसमान के तरफ देखा तो उनको लाल रंग का कुछ दिखाई दिया और बिना कुछ देरी किये उसके तरफ आगे बढ़ और निगल लिए इसके बाद पूरा अँधेरा छा गया, हुआ यु की जिसे हनुमान जी लाल फल समझ कर खा लिए थे वो और कोई नहीं सूर्य देव थे जिससे की पूरा अँधेरा छा गया था, माता अंजनी के बहुत कहने पर हनुमान जी ने सूर्यदेव को अपने मुख से बहार निकाले. लाल रंग हनुमान जी को पसंद है. एक और हनुमान कथा (Hanuman Katha) है की देवताओं के राजा इंद्रदेव ने भक्त हनुमान पर वज्र से प्रहार किया था जिसके चलते हनुमान की ठुड्डी टूट गई थी जिसके कारण उन्हें हनुमान (Hanuman) कहा जाता है।

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हनुमान जी बुद्धि और बल के दाता हैं। हनुमान जी प्रभु श्री राम के परम भक्त (Ram Bhakt Hanuman) थे। उत्तरकांड में भगवान राम ने हनुमान जी को प्रज्ञा, धीर, वीर, राजनीति में निपुण आदि विशेषणों से संबोधित किया है। कहा जाता है की हनुमान जी अमर है इसलिए हनुमान जी को मनोकामना पूर्ण करने वाला देवता माना जाता है, इसलिए मन्नत मानने वाले अनेक स्त्री-पुरुष हनुमान की मूर्ति की श्रद्धापूर्वक निर्धारित प्रदक्षिणा करते हैं। कई लोगों को आश्चर्य होता है कि, जब किसी कन्या का विवाह न तय हो रहा हो, तो उसे ब्रह्मचारी हनुमान की उपासना करने को कहा जाता है। शनिवार और मंगलवार हनुमान के दिन माने जाते हैं। इस दिन हनुमान जी की प्रतिमा को सिंदूर और तेल अर्पण करने की प्रथा है। कुछ जगह तो नारियल चढाने का भी रिवाज है।

हनुमान जयंती व्रत और पूजा विधि (Hanuman Jayanti Vrat Puja Vidhi in Hindi)

हनुमान जयंती पूजा सामग्री (Hanuman Jayanti Puja Samagri, Procedure)

पूजा सामग्री (Puja Samagri) के लिये गैंदा, गुलाब, कनेर, सूरजमुखी आदि के लाल या पीले फूल, सिंदूर, केसरयुक्त चंदन, धूप-अगरबती, शुद्ध घी या चमेली के तेल का दीप का इन्तेजाम कर ले कोसिस करे की सबकुछ लाल रंग का हो। इस दिन हनुमान जी को सिंदूर का चोला चढायें तो उससे भी मनोकामनाएं शीघ्र पूरी होती हैं। प्रसाद के रुप में भुने हुए चने, गुड़, एवं बेसन के लड्डू या सिघाड़े का हलवा बना कर रख सकते हैं।

हनुमान जयंती का व्रत (Hanuman Jayanti Vrat) रखने वाले व्रत की पूर्व रात्रि ब्रह्मचर्य का पालन करें और सुबह उठकर सभी नित्य कर्मों से निवृत्त होने के बाद  प्रभू श्री राम, माता सीता एवं श्री हनुमान जी (Shree Hanuman Jee) को याद करें। बजरंग बलि पवनपुत्र हनुमान (Bajrang Bali Pawan Putra Hanuman) की प्रतिमा की प्रतिष्ठा कर विधिपूर्वक पूजा करें और हनुमान चालीसा और बजरंग बाण का पाठ भी करें और इसके बाद श्री हनुमान जी की आरती उतारें, इस दिन श्री रामचरित मानस के सुंदरकांड या हनुमान चालीसा का अखंड पाठ भी करवाया जा सकता है।

हनुमान जी को लाल रंग क्यों पसंद है (Why does Hanuman Like Red Sindoor):

क्या आप जानते है की पवनपुत्र हनुमान जी को हमेशा लाल रंग क्यों पसंद हैं? एक बार बचपन में हनुमान जी ने अपनी मां अंजनी को मांग में सिंदूर लगाते हुए देखकर पूछा तो उनकी माता अंजनी ने मुस्कुराते हुआ कहा कि वो अपने प्रभु यानी अपने पति को खुश करने और उनकी लंबी उम्र के लिए अपनी मांग में सिंदूर लगाती है, इसलिए पवनपुत्र हनुमान जी ने सोचा कि जब चुटकी भर सिंदूर से ही मां के प्रभु प्रसन्न हो सकते हैं तो मैं अपने पूरे शरीर को सिंदूर से रंग लगा लेता हूं, तभी से हनुमान जी हमेशा लाल सिंदूर में रंगे हुए दिखायी देते (You can always see Hanuman Jee in Red Color) हैं।

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