सारागढ़ी का इतिहास और कहानी Battle of Saragarhi History and Story in...

सारागढ़ी का इतिहास और कहानी Battle of Saragarhi History and Story in Hindi

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Battle of Saragarhi History and Story in Hindi

Battle of Saragarhi History and Story in Hindi: आज हम एक ऐसी लड़ाई के बारे में बताएँगे जिसे शायद आप नहीं जानते हों या आप जानते भी होंगे। सारागढ़ी इतिहास की सबसे महानतम लड़ियों में से एक मानी जाती है।

सारागढ़ी युद्ध की मुख्य बिंदु Battle of Saragarhi Yudh in Hindi

  1. सारागढ़ी की युद्ध साल 1897 में 12 सितंबर को लड़ी गई थी।
  2. ये युद्ध 36th सिख रेजीमेंट (जिसे अब सिख रेजीमेंट की 4th बटालियन के
    नाम से जाना जाता है) के 21 बहादुर सैनिक और 10 हजार अफगान कबाइलियों के बीच लड़ी गई थी।
  3. इन सभी बहादुर भारतीय सैनिकों को इंडियन ऑर्डन ऑफ मेरिट से नवाजा गया था।
  4. सारागढ़ी, पाकिस्‍तान के NWFP में फोर्ट गुलिस्‍तान और फोर्ट लॉकहार्ट के बीच पड़ने वाली एक पोस्‍ट थी।
  5. सारागढ़ी की इस लड़ाई में अपने 600 लोग की जान गवानी पड़ी थी।
  6. इस दिन को सिख रेजीमेंट, रेजीमेंटल बैटल ऑनर्स डे के रूप में मनाती है।

आपने ग्रीक सपार्टा और परसियन की लड़ाई के बारे मेँ सुना होगा ! इनके ऊपर “300” जैसी फिल्म भी बनी है, पर अगर आप “सारागढ़ी” के बारे मेँ पढोगे तो पता चलेगा इससे महान लड़ाई सिखलैंड मेँ हुई थी।

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सारागढ़ी का इतिहास और कहानी Battle of Saragarhi History and Story in Hindi

ये लड़ाई १२ सितम्बर सन 1897 की है जब नॉर्थ वेस्ट फ्रंटियर स्टेट मेँ 10 हजार अफगानोँ ने हमला कर दिया। आफगानी सैनिक लोखार्ट और गुलिस्तान के किलोँ पर अपना कब्जा करना चाहते थे। इन किलो भारत के महाराजा रणजीत सिंह ने बनवाया था। इन किलो के पास सारागढी में एक सुरक्षा चौकी थी। जहाँ पर 36th सिख रेजिमेँट के 21 जवान तैनात थे।

ये सभी जवान माझा क्षेत्र के थे और सभी सिख थे। 36th सिख रेजिमेँट मेँ केवल साबत सूरत (जो केशधारी हों) सिख भर्ती किये जाते थे। ये लड़ाई ईशर सिंह के नेतृत्व मेँ लड़ी गई थी। 36th सिख बटालियन में 21 जवान तैनात थे। इन 21 जवानोँ को पहले ही पता चल गया कि 10 हजार अफगानोँ से जिन्दा बचना मुस्किल है।

Battle of Saragarhi in Hindi Story




ईशर सिंह के नेतृत्व में 20 जवानों ने मरते दम तक लड़ने का फैसला किया और 12 सितम्बर 1897 को सिखलैँड की धरती पर एक ऐसी लड़ाई हुयी जिसे दुनिया आज भी याद करती है। 21 सैनिक बोले सो निहाल, सत श्री अकाल” ये बोलकर मरते दम तक लड़ते रहे।  ये युद्ध दुनिया की पांच महानतम लड़ाइयोँ मेँ शामिल हो गयी। 21 सीखो ने 10 हजार अफगानी सैनिको से जमकर लड़ाई लड़ी  थी।

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इस भीषण युद्ध में करीब 600-1400 आफगानी मारे गये और आफगानी सैनिको की भारी नुकसान हुआ।  सिख जवानों ने अपनी आखिरी सांस तक लड़े और महाराजा रणजीत सिंह के इन किलोँ को बचा लिया  और आफ्गानो की हार हुयी इस हार का खबर जब पुरे यूरोप में पंहुचा तो पूरी दुनिया स्तब्ध रह गयी।

ब्रिटेन की संसद मेँ सभी ने खड़ा होकर इन 21 सिख बहादुर जवानों की बहादुरी को सलाम किया। इन सभी 21 सिख वीर जवानों को मरणोपरांत इंडियन ऑर्डर ऑफ मेरिट दिया गया जो की आज के परमवीर चक्र के बराबर था।


भारत के सैन्य इतिहास का ये युद्ध के दौरान सैनिकोँ द्वारा लिया गया सबसे विचित्र अंतिम फैसला था। UNESCO ने इस लड़ाई को अपनी 8 महानतम लड़ाइयोँ मेँ शामिल किया है। ये एक लड़ाई थी की इसके आगे ग्रीक सपार्टा की बहादुरी फीकी पड़ गयी। अफ़सोस इस बात का है की हम लोग ग्रीक और परसियन की लड़ाई के बारे में जानते है या उसपर बनी फिल्म देखे है लेकिन भारतीय सैन्‍य

इतिहास के सबसे बड़े युद्ध के बारे में नही जानते है। Battle of Saragarhi History यूरोप के स्कूलो में पढाई जाती है पर हमारे यहा जानते तक नही है।

हमें पता चला है की Battle of Saragarhi History and Story in Hindi पर तीन बॉलीवुड फिल्म बन रही है एक फिम तो बहुत जल्द रिलीज़ हो जाएगी जिसमे रणदीप हुड्डा किरदार निभा रहे है। बाकि की फिल्मे अभी फ्लोर पर नही आई है। Battle of Saragarhi History पर अजय देवगन और अक्षय कुमार दोनों ही फिल्म बना रहे है।

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