अरविंद केजरीवाल का जीवन परिचय, Arvind Kejriwal Biography in Hindi

अरविंद केजरीवाल का जीवन परिचय, Arvind Kejriwal Biography in Hindi

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Arvind Kejriwal Biography

Arvind Kejriwal Biography in Hindi

Arvind Kejriwal Biography and Information in Hindi – अरविंद केजरीवाल का जन्म हरियाणा के भिवनी जिला के सिवानी गाँव में एक माध्यम-वर्गीय परिवार में 16 अगस्त 1968 को हुआ। उनके पिता का नाम गोबिंद राम केजरीवाल और माता का नाम गीता देवी है।

गोबिंद राम केजरीवाल के तीन बच्चो में से अरविन्द केजरीवाल सबसे बड़े थे। Arvind Kejriwal के पिता पेसे से Electrical Enginee थे, जो Birla Institute of Technology, Mesra से स्नातक थे।

Arvind Kejriwal Education in Hindi

Arvind Kejriwal का बचपन ज्यादातर उत्तरी भारत के गावो में गुजरा जैसे सोनीपत, गाज़ियाबाद और हिसार, Arvind Kejriwal की प्रारंभिक शिक्षा हिसार के कैंपस स्कूल से हुआ। और इसके बाद उनका दाखिला क्रिस्चियन मिशनरी स्कूल, सोनीपत हुआ।

अरविंद केजरीवाल बचपन से ही पढने में बहुत तेज थे। केजरीवाल ने 1985 में IIT-JEE exam का एग्जाम दिया। पहली बार में ही IIT-JEE का Exam पास कर लिए थे उनका All India Rank (AIR) 563 था। उनके रैंक के अनुसार उनका दाखिला भारत के टॉप IIT कॉलेज में एक IIT खरगपुर में Mechanical Engineering रूप में हुआ।

Engineering की पढाई पूरी करने के बाद वे 1989 में टाटा स्टील कंपनी में शामिल हुए जहा उन्हें जमशेदपुर भेजा गया। केजरीवाल वहा पर ज्यादा दिन तक नौकरी नही किये और 1992, में  नौकरी छोड़ दिया और सिविल सर्विस एग्जामिनेशन (Civil Services Examination) की तयारी करने में लग गये। अपने सिविल सर्विस तैयारी के दौरान अपना कुछ समय कोलकाता में बिताया और वहा वे मदर टेरेसा से भी मिले और रामकृष्ण मिशन में भी शामिल हुए और उत्तर-पूर्व के नेहरू युवा केंद्र को भी उन्होंने भेट दी।

Personal Life of Arvind Kejriwal in Hindi

अरविंद केजरीवाल ने 1995 में 1993 Batch के IRS officer सुनीता से शादी कर लिया , जो राष्ट्रीय प्रशासन संस्था, मसुरी और राष्ट्रीय जिला कर संस्था, नागपुर में उनकी सहकर्मी थी। केजरीवाल और सुनीता को दो बच्चे है। Arvind Kejriwaal के दो बच्चे है लड़की का नाम हर्षिता और लड़के का नाम पुलकित है।

Career of Arvind Kejriwal in Hindi

सिविल सर्विस की परीक्षा पास करने के बाद ही Kejriwal आयकर विभाग में सहायक अधिकारी (Assistant Commissioner of Income Tax) के रूप में काम करने लगे, केजरीवाल ने नवम्बर 2000 में, 2 साल की छुट्टी लिया इस शर्त पर की वे उन दो सालो में अपना उच्च शिक्षण पूर्ण कर के वापिस जहा से काम छोड़ा वहा शामिल हो जायेंगे और कम से कम तिन साल लगातार काम करेंगे। अगर वे ऐसा करने में असफल हुए तो उन्हें छुट्टियों के दौरान जो तनखा मिलेगी वो वापिस करनी होंगी। और बाद में नवम्बर 2002 में वे दोबारा शामिल हुए।

अरविंद केजरीवाल ने कहा की एक साल तक उन्हें कोई पद नही मिला, लेकिन कोई कम किये बिना ही उन्हें पैसा मिलती गयी। इसलिए 18 महीनो बाद उन्होंने बिना तनखा छुट्टी के लिए आवेदन किया और उनके आवेदन को मंजूरी मिल गई और February 2006 में उन्होंने अपने उस पद से इस्तीफा दे दिया, ऐसा कहा जाता है की केजरीवाल ने अधिकार पत्र पर लिखे तिन साल तक लगातार काम करते रहने के वादे को बिच में ही तोड़ दिया था।

Anti Corruption Activism of Arvind Kejriwal in Hindi

Arvind Kejriwal ने दिसम्बर 1999 को मनीष सिसोदिया के साथ परिवतन (Parivartan) नाम से एक NGO शुरू किया जिसका कार्यालय दिल्ली के सुंदर नगर में खुला था।

ये संस्था दिल्ली में आयकर एवं बिजली विभाग में सभी आम आदमी के काम मुफ्त में करवाती थी। उन्होंने दिल्ली  में इसके पर्चे बाटें और कहा गया की अगर कोई कि आयकर एवं बिजली विभाग के कर्मचारी आपसे रिश्वत मांगे तो आप हमारे पास आओ हम आपका काम मुफ्त में करवाएंगे तक़रीबन 800 लोगों का काम Arvind Kejriwal ने 1 साल के अंदर मुफ्त मे करवाया Arvind Kejriwal कभी भी परिवर्तन संस्था का मुख्य चेहरा बनने की कोशिस नहीं की वे हमेशा पीछे से आम आदमी के लिए काम करते थे। जो लोग सामने से काम करते थे उनमे सबसे पहले Manish Sisodiya थे और अन्य लोग भी साथ में काम करते थे।  साल 2003 में Arvind Kejriwal ने फिर से आयकर विभाग ज्वाइन कर लिया और 18 महीने तक काम किया।

Parivartan NGO of Arvind Kejriwal



Kejriwal हमेसा से चाहते थे की हमारा जो System है उसे बदलाव लाया जाये इसके लिए वो हमेसा कोशिस करते रहते थे। अरविन्द केजरीवाल चाहते थे की उनका लोगो के लिए जो काम है वे दिल्ली तक ही सिमित न रहे उसे पूरे देश में भ्रष्टाचार ख़तम करना चाहते थे। Arvind Kejriwal सन 2006 में आयकर विभाग से इस्तीफा दे दिया और पूरी तरह से परिवर्तन संस्था (Parivartan NGO) के साथ जुडकर कम करने लगे। सन 2006 में Arvind Kejriwal ने पुरे देश में RTI (Right to Information Act) बारे में जागरूकता फ़ैलाने के लिए एक आन्दोलन चलाया और बताया की एक आम आदमी कैसे सरकार से अपने कामो के बारे में जान सकता है।

Arvind Kejriwal सबसे पहले भारत में RTI लाने वाले एक सामाजिक कार्यकर्ता है। 2006 में, केजरिवाल को उत्कृष्ट नेतृत्व के लिए रमण मेगसेसे अवार्ड (Ramon Magsaysay Award) से सम्मानित किया गया। क्योकि आयकर और RTI से जुडी कई धाराओ को क़ानूनी नियमो को उन्होंने परिवर्तन किया था, और भ्रष्टाचार के विरुद्ध जानकारी प्राप्त करने का अधिकार जारी भी किया।

Arvind Kejriwal ने सन 2011 में Anna Hazare, Kumar Vishwas और कई साथियों के साथ मिल कर जन लोकपाल बिल (Jan Lokpal Bill) को पास कराने के एक देश व्यापी आन्दोलन किया गया। Jan Lokpal movement को Anna Hazare की अनुवाई में चले India Against Corruption (IAC) आन्दोलन में वे आमरण अनशन पे भी बैठे रहे। Jan Lokpal movement को पुरे देश के लोगो का समर्थन मिला इस आन्दोलन को सफल में बनाने अरविन्द केजरीवाल का पूरा सहयोग था। यह आन्दोलन सताधारी नेता और आम जनता के बीच हुआ था।

Political Career of Arvind Kejriwal in Hindi अरविंद केजरीवाल का राजनितिक सफ़र

जन लोकपाल आन्दोलन के बाद भी मौजूदा सरकार ने जब नही कुछ किया तब अरविन्द केजरीवाल (Arvind Kejriwal ) ने सरकार को ही बदलने का मन बना लिया और चुनाव लड़ने क फैसला किया। Arvind Kejriwal ने 2 अक्टूबर 2012 को एक राजनीती पार्टी ‘आम आदमी पार्टी’ का गठन कर दिया। आम आदमी पार्टी (AAP) के साथ उन्होंने 2013 में दिल्ली विधानसभा का में चुनाव लड़ने का फैसला किय और 15 साल से दिल्ली के सत्ता पर काबिज़ कांग्रेस की सरकार को 28 सीट से हरा दिया और दिल्ली में अल्पमत की सरकार बनाई जिसके मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल थे । यह सरकार जयादा दिन तक नही चली और 49 दिन में ही केजरीवाल ने स्थिपा दे दिया लेकिन इस दौरान केजरीवाल सरकार खूब काम किया था।



Arvind Kejriwal आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रिय संयोजक है। 2015 के चुनावो में उनकी पार्टी ने भरी बहुमत हासिल किया, और 70 में से 67 सीट उन्होंने प्राप्त की। 14 फरवरी 2015 को वे दोबारा दिल्ली के विधानसभा चुनाव में भारी बहुमत के साथ मुख्यमंत्री पद पर आसीन हुए।

Arvind Kejriwal Awards – अरविंद केजरीवाल के पुरस्कार

  1. 2004: अशोक फेलो, सिविक इंगेजमेंट
    2. 2005:’सत्येन्द्र दुबे मेमोरियल अवार्ड, आईआईटी कानपुर, सरकार पारदर्शिता में लाने के लिए उनके अभियान हेतु
    3. 2006: उत्कृष्ट नेतृत्व के लिए रमन मेगसेसे अवार्ड.
    4. 2006: लोक सेवा में सीएनएन आईबीएन, ‘इन्डियन ऑफ़ द इयर’
    5. 2009: विशिष्ट पूर्व छात्र पुरस्कार, उत्कृष्ट नेतृत्व के लिए आईआईटी खड़गपुर
    6. 2010: निति में बदलाव लेन वाले अभिकर्ता ऑफ़ द इयर, इकनोमिक टाइम्स ने अरुणा रॉय के साथ दिया
    7. 2011: अन्ना हजारे के साथ NDTV ने इंडियन ऑफ़ द इयर का पुरस्कार दिया.
    8. 2013: अमेरिकी पत्रिका ‘फॉरेन पॉलिसी’ द्वारा 2013 के 100 ‘सर्वोच्च वैश्विक चिन्तक’ में शामिल
    9. 2014: प्रतिष्ठित “टाइम” मैगज़ीन द्वारा “विश्व के सबसे प्रभावशाली व्यक्ति” के रूप में शामिल।

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